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रागं: कीरवाणि ताळं: आदि पल्लवि: सदात्मिके सदाशिवे कलात्मिके कणाकणे चरणं: सकाररूपा सर्वज्ञा...
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रागं : रतिपतिप्रिय ताळं : आदि (चतुरस्रनड) पल्लवि : सकलाधारा रूपिणि तुम् सर्वसुमंगल कारिणि तुम्...
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रागं : सरस्वति ताळं : एक(खंडनड) पल्लवि : सकलविद्याप्रदे सर्वसंपत्र्पदे सर्वसंमोहने शारदे –...
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रागं : रागमालिक ताळं: पल्लवि : षोडश कन्या रूपिणिकि जयमगु गावुत शिवसतिकि चरणं : कल कल नव्वे ऒक...
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रागं : चारुकेशि ताळं : आदि पल्लवि : श्रुतुलकु जननिवि श्रीमाता मनसुन मॆरयुमु मा माता अनु पल्लवि:...
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